बिहार की गौरवमयी वैष्णव धारा – भाग-2

इसके लेखक पं. भवनाथ झा हैं. लेखक परिचय के लिए यहाँ क्लिक करें। शालग्राम क्षेत्र वाराह-पुराण में गण्डकी नदी के दोनों तट को शालग्राम क्षेत्र कहा गया है। इस पुराण के 144वें अध्याय में … Read More